हमारी संस्कृति
शिव को क्यों प्रिय है भांग
भगवान शिव की पूजा सबसे आसान मानी जाती है क्योंकि भोलेबाबा को खुश करने के लिए खोआ, मिठाई की जरूरत नहीं होती इन्हें मुफ्त में मिलने वाले बेलपत्र, धतूरा ....
गंगा सप्तमी आज
वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गंगा सप्तमी कहते हैं। ऐसी मान्यता है कि गंगा की उत्पत्ति इसी दिन हुई थी। इस दिन गंगा नदी में स्नान कर पूजा क....
"भाई दूज - किस समय करें भाई को टिका"

हिन्दू पंचांग के अनुसार भाई दूज का त्यौहार आज मनाया जा रहा है।

भाई दूज मुहूर्त 

भाई दूज के दिन तिलक लगाने का शुभ समय दिन में 0....

नंदी ने क्यों की भगवान शिव की आराधना

पुराणों में यह कथा मिलती है कि शिलाद मुनि के ब्रह्मचारी हो जाने के कारण वंश समाप्त होता देख उनके पितरों ने अपनी चिंता उनसे व्यक्त की। शिलाद निरंतर ....

"कैसे बने हनुमान बलशाली"

शिवमहापुराण के अनुसार देवताओं और दानवों को अमृत बांटते हुए विष्णुजी के मोहिनी रूप को देखकर लीलावश शिवजी ने कामातुर होकर अपना वीर्यपात कर दिया। सप्त....

महाशिवरात्रि की पूजा का क्या है महत्त्व

शिवपुराण की कोटिरुद्रसंहिता में बताया गया है कि शिवरात्रि व्रत करने से व्यक्ति को भोग एवं मोक्ष दोनों ही प्राप्त होते हैं। ब्रह्मा, विष्णु तथा पार्....

नौ देवी नौ रहस्य:- मां कात्यायनी

कात्यायनी महामाये महायोगिन्य धीश्वरी.

नंद गोप सुतं देवी पतिं मे कुरुते नम:

नवरात्रि के छठे दि‍न देवी के जिस रूप का पूजन होता है....

सृष्टि तथा सात ऊर्ध्व एवं सात पाताल लोकों का वर्णन

श्रीसूत जी बोले - मुनियो ! अब मैं कल्प के अनुसार सैकड़ों मन्वंतरों के अनुगत ईश्वर संबंधी कालचक्र का वर्णन करता हूं । सृष्टि के पूर्व यह सब अप्....

कर्तव्यपरायणता का अद्भुत आदर्श
प्राचीन काल में सर्वसमृद्धिपूर्ण वर्धमान नगर में रूपसेन नाम का एक धर्मात्मा राजा था। एक दिन उसके दरबार में वीरवर नाम का एक गुणी व....
तुलसीदल का महात्म्य
भगवान शिव ने स्वयं कहा है - ‘‘सब प्रकार के पत्तों और पुष्पों की अपेक्षा तुलसी ही श्रेष्ठ मानी गई है। वह परम मंगलमयी, समस्त कामनाओ....
आंवले के वृक्ष की उत्पत्ति

पूर्वकाल में जब सारा जगत एकार्णव के जल में निमग्न हो गया था। समस्त प्राणी नष्ट हो गये थे, उस समय देवाधिदेव सनातन परमात्मा ब्रह्माजी अविनाशी परब....

भगवान शिव के लिए माता पार्वती ने किया था घोर तप
शिवपुराण में कथा है कि ब्रह्माजी के आदेशानुसार भगवान शंकर को वरण करने के लिए पार्वती ने कठोर तप किया था। ब्रह्मा के आदेशोपरांत महर्षि नारद ने पार....
सावन में सोमवार का हैं खास महत्त्व
पवित्र सावन माह की शुरुआत हो गई है। शिव पूजा के लिए अत्यंत फलदायी माने जाने वाले इस माह में सोमवार के दिन भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा का महत्त्व है। आ....
मनचाहे वर के लिए करें हरियाली तीज का व्रत
सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को कहीं कज्जली तीज तो कहीं हरियाली तीज के नाम से जाना जाता है। भव‌िष्य पुराण में देवी पार्वती बताती हैं क....
कार्तिक मास का महत्त्व
कार्तिक मास को शास्त्रों में पुण्य मास कहा गया है। पुराणों के अनुसार जो फल सामान्य दिनों में एक हजार बार गंगा स्नान का होता है तथा प्रयाग में कुंभ के ....
बिल्व वृक्ष का महत्त्व जानकर हैरान हो जाएंगे आप।
भगवान शिव से जुड़े होने के कारण बेल के पेड़ या बिल्व वृक्ष का भी काफी धार्मिक महत्त्व है। कहा जाता है कि भगवान शिव को बिल्वपत्र चढ़ाने से वे प्रसन्न ह....
क्यों हैं श्रीविष्णु क्षीरसागर में?
भगवान विष्णु का वास क्षीरसागर माना गया है। इसे विष्णुलोक, वैकुंठ आदि नामों से भी जाना जाता है। विष्णु को सृष्टि का संचालक माना गया है, वे तीनों देवों ....
आज का भजन
आज का पंचांग
आज का दर्शन
© 2019 Sanskar Info Pvt. Ltd.
All rights reserved | Legal Policy
कार्यक्रम विवरण | हमारे बारे में | संपर्क