हमारी संस्कृति
आज है हरियाली तीज, 108वें जन्म मे पूरी हुई थी पार्वती माता की तपस्या
इस तीज व्रत में मां पार्वती के अवतार तीज माता की उपासना की जाती है। पौराणिक जानकारी के अनुसार मां पार्वती ही श्रावण महीने की तृतीया तिथि को देवी के रू....
"भगवान विष्णु ने किया माता पार्वती से छल"
मान्यता है कि बद्रीनाथ धाम कभी भगवान शिव और पार्वती का विश्राम स्थान हुआ करता था। यहां भगवान शिव अपने परिवार के साथ रहते थे लेकिन श्रीहरि विष्णु ....
"शिव की महिमा अपरम्पार"
एक समय की बात है, किसी नगर में एक साहूकार रहता था। उसके घर में धन की कोई कमी नहीं थी लेकिन उसकी कोई संतान नहीं थी इस कारण वह बहुत दुखी था। पुत्र प्राप....
"क्यों पूजा जाता है सर्वप्रथम भगवान गणेश को"

पद्मपुराण में बताया गया जब यह प्रश्न उठा कि प्रथमपूज्य किसे माना जाए, तो समस्त देवतागण ब्रह्माजी के पास पहुंचे। ब्रह्माजी ने कहा - कि जो कोई संपूर्....

"महादेव के अर्द्धनारीश्वर अवतार की कथा"

“शीश गंग अर्धंग पार्वती….. नंदी भृंगी नृत्य करत है”  शिव स्तुति में आये इस भृंगी नाम को आप सब ने जरुर ही सुना होगा। पौराणिक....

"मां शैलपुत्री की क्यों होती है प्रथम पूजा"

मां दुर्गा के नौ रुपों में पहला रुप है शैलपुत्री का, नवरात्र के पहले दिन घट स्थापना के साथ देवी के इसी रुप की पूजा की जाती है । मां का यह रुप सौम्य....

"मां शैलपुत्री की क्यों होती है प्रथम पूजा"

मां दुर्गा के नौ रुपों में पहला रुप है शैलपुत्री का, नवरात्र के पहले दिन घट स्थापना के साथ देवी के इसी रुप की पूजा की जाती है । मां का यह रुप सौम्य....

"क्यों लिया था भगवान गणेश ने विघ्नराज का अवतार"

भगवान गणेश को विघ्नराज के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने यह अवतार ममतासुर का संहार करने के लिए लिया था। इस अवतार में उनके वाहन शेषनाग हैं। कहते ....

"सुध महादेव मंदिर का रहस्य"

जम्मू से 120 किलो मीटर दूर तथा समुद्र तल से 1225 मीटर की ऊंचाई पर, पटनीटॉप के पास सुध महादेव (शुद्ध महादेव) का मंदिर स्तिथ है। यह मंदिर शिवजी के प्....

"तीर्थस्थान अमरनाथ के कबूतरों का क्या है रहस्य"

पौराणिक मान्याताओं के अनुसार, अमरनाथ की गुफा ही वह स्थान है जहां भगवान शिव ने पार्वती को अमर होने के गुप्त रहस्य बतलाए थें, उस दौरान उन ‘दो ज....

"शेर क्यों है माता रानी की सवारी"

मां दुर्गा तेज, शक्ति और सामर्थ्‍य की प्रतीक हैं और उनकी सवारी शेर है। शेर प्रतीक है आक्रामकता और शौर्य का। यह तीनों विशेषताएं मां दुर्गा के आच....

"भगवान शिव और असावरी देवी का क्या था रिश्ता?"

भगवान शिव की पत्नी और बच्चों के बारे में सभी जानते हैं लेकिन क्या आपको ये पता है कि शिवजी की एक बहन भी थी। एक पौराणिक कथा के अनुसार जब देवी पार्वती....

"कैसे हुई भगवान गणेश की शादी"

जब भी गणेश  किसी अन्य देवता के विवाह में जाते थे तो उनके मन को बहुत ठेस पहुँचती थी। उन्हें ऐसा लगा कि अगर उनका विवाह नहीं हो पा रहा तो वे किसी....

नवरात्रि की प्रथम देवी - शैलपुत्री

ब्रह्मचारिणी : मां दुर्गा का दूसरा स्वरूप

दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू।

देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

मां दुर्गा की नवशक्ति का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी का है।....

आखिर क्यों दिया था माता पार्वती ने भगवान शिव, विष्णु, नारद, कार्तिकेय और रावण को श्राप!!
एक बार भगवान शंकर ने माता पार्वती के साथ जुआ खेलने की अभिलाषा प्रकट की। खेल में भगवान शंकर अपना सब कुछ हार गए। हारने के बाद भोलेनाथ अपनी लीला को रचते ....
भगवान शिव के लिए माता पार्वती ने किया था घोर तप
शिवपुराण में कथा है कि ब्रह्माजी के आदेशानुसार भगवान शंकर को वरण करने के लिए पार्वती ने कठोर तप किया था। ब्रह्मा के आदेशोपरांत महर्षि नारद ने पार....
मनचाहे वर के लिए करें हरियाली तीज का व्रत
सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को कहीं कज्जली तीज तो कहीं हरियाली तीज के नाम से जाना जाता है। भव‌िष्य पुराण में देवी पार्वती बताती हैं क....
अखंड सौभाग्य के लिए करें हरतालिका तीज व्रत
भाद्रपद शुक्ल तृतीया को हरितालिका तीज का त्यौहार शिव और पार्वती के पुर्नमिलन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि मां पार्वती ने 107 जन्म ....
श्री गणेश से गजानन बनने की कहानी
एक समय जब माता पार्वती मानसरोवर में स्नान कर रही थी तब उन्होंने स्नान स्थल पर कोई आ न सके इस हेतु अपनी माया से गणेश को जन्म देकर "बाल गणेश" को पहरा दे....
भगवान शिव
शैवागम में रुद्र के सातवें स्वरूप को शिव कहा गया है । शिव शब्द नित्य विज्ञानानंदघन परमात्मा का वाचक है । इसलिए शैवागम भगवान शिव को गायत्री के द्वारा ....
भगवान शिव
शैवागम में रुद्र के सातवें स्वरूप को शिव कहा गया है । शिव शब्द नित्य विज्ञानानंदघन परमात्मा का वाचक है । इसलिए शैवागम भगवान शिव को गायत्री के द्वारा ....
शिव और सती

सिव सम को रघुपति ब्रतधारी । बिनु अघ तजी सती असि नारी ।।
भगवान शिव और माता सती देवी की असीम महिमा बड़े ही सुंदर ढंग से प्रतिपादित की है । भ....

आज का भजन
आज का पंचांग
आज का दर्शन
© 2019 Sanskar Info Pvt. Ltd.
All rights reserved | Legal Policy
कार्यक्रम विवरण | हमारे बारे में | संपर्क