हमारी संस्कृति
संस्कार क्या हैं ?
भारतीय संस्कृति में संस्कार का साधारण अर्थ किसी दोषयुक्त वस्तु को दोषरहित करना है । अर्थात् जिस प्रक्रिया से वस्तु को दोषरहित किया जाएं उसमें अतिशय का....
अर्धनारीश्वर शिव

सृष्टि के आदि में जब सृष्टिकर्ता ब्रह्माद्वारा रची हुई सृष्टि विस्तार को नहीं प्राप्त हुई, तब ब्रह्मा जी उस दु:ख से अत्यंत दु:खी हुए । उसी समय....

सुंदरकांड का धार्मिक महत्त्व क्यों ?

सुंदर कांड वास्तव में हनुमान जी का कांड है । हनुमान जी का एक नाम सुंदर भी है । सुंदर कांड के लिए कहा गया है -

सुंदरे सुंदरे राम: सुंदरे सुं....

आरोग्य - सुभाषित - मुक्तावली

सुख - दु:ख का कर्ता व्यक्ति स्वयं ही होता है, ऐसा समझकर कल्याणकारी मार्ग का ही अवलंबन लेना चाहिए, फिर भयभीत होने की कोई बात नहीं । परीक्षक - व....

राजा खनित्र का सद्भाव

पूर्वकाल में प्रांशु नामक एक चक्रवती सम्राट थे । इनके ज्येष्ठ पुत्र का नाम प्रजाति था । प्रजाति के अनित्र, शौरि, उदावसु, सुनय, महारथ नामक पांच....

राम अंश

अंसन्ह सहित मनुज अवतारा । लेहउं दिनकर बंस उदारा ।।

ब्रह्मादि देवताओं की पुकार पर आकाशवाणी में ‘अंसन्ह सहित’ अवतार लेने की ब्रह्मगिरा हु....

ज्ञानी बने पर अंहकारी न बने
एक युवा ब्रह्मचारी ने दुनिया के कई देशों में जाकर अनेक कलाएं सीखीं। एक देश में उसने धनुष-बाण बनाने और चलाने की कला सीखी। कुछ दिनों के बाद वह दूसरे देश....
जानिए क्या है होलाष्टक
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार फाल्गुन शुक्लपक्ष अष्टमी होलाष्टक तिथि का आरंभ है। इस तिथि से पूर्णिमा तक के आठों दिनों को होलाष्टक कहा गया है। इस वर्ष हो....
असली सुंदरता हमारे अच्छे कार्यों से आती है।
एक कौवा सोचने लगा कि पक्षियों में, मैं सबसे ज्यादा कुरूप हूं। न तो मेरी आवाज ही अच्छी है, न ही मेरे पंख सुंदर हैं। मैं काला हूं। ऐसा सोचने से उसके अंद....
पूजा में केले के पत्तों को क्यों महत्व दिया जाता है?
केले के पत्ते को प्राचीन समय से ही पूज्य और पवित्र माना गया है. केले के फल, तने और पत्तों को हमारे पूजा विधान में अनेक तरह उपयोग किया जाता है. इसे शुभ....
आज है शनि प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत हर महीने में दो होते हैं एक शुक्ल पक्ष में और एक कृष्ण पक्ष में। यह व्रत त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है। सोमवार के दिन त्रयोदशी तिथि पड़....
अष्टमी पर करें मां महागौरी की उपासना
आज चैत्र नवरात्र की अष्‍टमी है। इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी के पूजन का विधान है। धर्मिक मान्यताओं के अनुसार, महागौरी की उपासना से इंसान ....
रामनवमी क्यों मनाई जाती है?
रामनवमी भारत में मनाया जाने वालो एक प्रमुख त्योहार है, जिसे हिंदुओं का भी एक बड़ा और प्रमुख त्योेहार माना जाता है। रामनवमी का त्योहार हर वर्ष मार्च से....
महात्मा विदुर की अंतिम इच्छा
महाभारत काल का एक महत्त्वपूर्ण पात्र है विदुर। अर्थ कुशल, बुद्धिमान अथवा मनीषी विदुर को महाभारत के केंद्रीय पात्रों में से एक माना गया है, किंतु फिर भ....
श्री राम के साथ करें, भगवान शिव की उपासना
ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव श्री राम के इष्ट एवं श्री राम शिव के इष्ट हैं। ऐसा संयोग इतिहास में नहीं मिलता कि उपास्य और उपासक में परस्पर इष्ट भाव हो....
जानिए कर्ण को क्यों मिला श्राप
कर्ण की शिक्षा अपने अन्तिम चरण पर थी। एक दोपहर की बात है, गुरू परशुराम कर्ण की जंघा पर सिर रखकर विश्राम कर रहे थे। कुछ देर बाद कहीं से एक बिच्छू आया औ....
यज्ञ कर्म
एवं बहुविधा यज्ञा विवतो ब्रह्मणो मुखे।
कर्मजान्विद्धि तान्सर्वानेवं ज्ञात्वा विमोक्ष्यसे ।। 4/31


अर्थात:....
आप भी कर लें संकटमोचन को प्रसन्न
आज हनुमान जयंती है. बजरंग बली धीर-वीर परम रामभक्त हनुमान जी के भक्तों के लिए भगवान हनुमान का जन्मदिन यानी उनकी जयंती विशेष महत्त्व रखती है. इस बार हनु....
हनुमान अष्टक
बाल समय रवि भक्ष लियो, तब तिनहुं लोक भयो अंधियारो।
ताहि सो त्रास भयो जग को, यह संकट काहू सो जाता न टारो।

देवन आनी करी विनती तब, छांड़ि दियो ....
अर्जुन के रथ पर क्यों बैठे थे हनुमान?
महाभारत के अनुसार, जब कौरव सेना का नाश हो गया तो दुर्योधन भाग कर एक तालाब में छिप गया। पांडवों को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने दुर्योधन को युद्ध क....
श्रीगणेश के 11 नाम
भगवान गणेश हिंदू देवताओं में सर्वप्रथम पूज्य देव हैं। किसी भी तरह का त्योहार हो या घर में शुभ कार्य गणेश जी का सबसे पहले पूजन किया जाता है। हम गणेशजी ....
तो इसलिए मनाते है बैसाखी
बैसाखी का आगमन प्रकृति के परिवर्तन को दर्शाता है। बैसाखी के समय आकाश में विशाखा नक्षत्र होता है. विशाखा नक्षत्र पूर्णिमा में होने के कारण इस माह को बै....
जलियांवाला बाग कांड की कुछ बड़ी बातें जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता
भारतीय इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक, जलियांवाला बाग जनसंहार आज ही के दिन हुआ था। जब  ब्रिगेडियर जनरल रेजिनाल्ड डायर ने अमृतसर के जलियांवाल....
हिंदू धर्म की कुछ महत्वपूर्ण बातें जिसे आपको भी जानना चाहिए
• हिन्दू धर्म एक ऐसा धर्म है जो विश्व भर में सबसे बड़े धर्मों में से तीसरे स्थान पर आता है लेकिन इसी धर्म की 95 प्रतिशत जनसंख्या एक देश, एक राष्ट्र भार....
परब्रह्म शिव ही परमात्मा हैं
परब्रह्म शिव ही परमात्मा हैं। वह संपूर्ण सृष्टि के आदि कारण हैं, इसीलिए उन्हें आदिनाथ भी कहा जाता है। वह संपूर्ण ब्रह्मांड के कण-कण में व्याप्त हैं। ह....
श्रीकृष्ण को श्राप से बचाने के लिए सुदामा ने स्वीकारी थी उम्रभर की दरिद्रता
एक ब्राह्मणी थी जो बहुत गरीब निर्धन थी. भिक्षा माँग कर जीवन यापन करती थी. एक समय ऐसा आया कि पाँच दिन तक उसे भिक्षा नहीं मिली वह प्रति दिन पानी पीकर भग....
हनुमानजी के पुत्र मकरध्वज की उत्पत्ति की कथा
धर्म शास्त्रों के अनुसार जिस समय हनुमानजी सीता की खोज में लंका पहुंचे और मेघनाद द्वारा पकड़े जाने पर उन्हें रावण के दरबार में प्रस्तुत किया गया। तब रा....
कपूर के है अनेकों फायदे
सनातन धर्म में देवी-देवताओं की पूजा करते समय कपूर का इस्तेमाल किया जाता है, जो कि सदियों से चला आ रहा है। जो कि अब एक परंपरा बन चुकी है। आरती आदि धार्....
शनिवार को क्यों चढ़ाते हैं शनि देव को तेल
हिन्दू धर्म की एक मान्यता के अनुसार शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए लोग हर शनिवार उन्हें तेल चढ़ाते हैं।
ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति ऐसा करते है उन्ह....
कुरुचिपूर्ण स्वभाव से बचें
भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है कि जिसका जन्म हुआ है उसका मरण अवश्य होगा। इसी तरह से जिसका मरण होता है उसका जन्म भी अवश्य होता है।
इसके साथ ....
शिव को क्यों प्रिय है भांग
भगवान शिव की पूजा सबसे आसान मानी जाती है क्योंकि भोलेबाबा को खुश करने के लिए खोआ, मिठाई की जरूरत नहीं होती इन्हें मुफ्त में मिलने वाले बेलपत्र, धतूरा ....
दूसरों के हिस्से का भोजन न खाएं
महाभारत के महानायक भीम को भोजन बेहद पसंद था। महाभारत की यह कहानी कौरव और पांडव के बचपन की है। तब सभी साथ रहते थे। लेकिन जब भोजन होता तो भीम, सबसे ज्या....
जानिए महात्मा विदुर ने किन 6 चीजों का होना भाग्यशाली बताया है।
अर्थोगमो नित्यमरोगिता च, प्रिया च भर्या प्रियवादिनी च।
वश्यच्श्र पुत्रोर्थकरी च विद्या,....
जो है उसमें खुश रहना सीखें
किसी जंगल में एक कौआ रहता था जो अपने जीवन से संतुष्ट था। एक दिन उसने एक बत्तख देखी और सोचा, यह बत्तख कितनी सफेद है और मैं कितना काला। यह बत्तख तो संसा....
निंदक नियरे राखिए
रविन्द्रनाथ टैगोर विचारक ही नही, बल्कि शांत साधक थे। वे भयमुक्त थे। उनका स्वभाव शांत थे। वह काफी कम बात किया करते थे। कुछ लोग रविन्द्रनाथ टैगोर जी की ....
क्यों मनाते हैं अक्षय तृतीया
हिंदू पर्व अक्षय तृतीया को एक पावन पर्व माना जाता है. इस मौके पर लोग घर में नए सामान या सोने के आभूषण खरीदते हैं. वैशाख माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया क....
गंगा सप्तमी आज
वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गंगा सप्तमी कहते हैं। ऐसी मान्यता है कि गंगा की उत्पत्ति इसी दिन हुई थी। इस दिन गंगा नदी में स्नान कर पूजा क....
कन्या दान का महत्त्व
हिंदू धर्म में हर परंपरा का महत्व होता है। विवाह में वरमाला, फेरे, मंगलसूत्र आदि जैसी रस्में निभाई जाती हैं। लेकिन इन सबमें ए....
जानिए कौन सा फूल चढ़ाने से कौन से भगवान होते हैं प्रसन्न?
फूलों में सबसे ज्यादा सुंदर होने का वरदान गुलाब को मिला है। इसलिए अगर आप प्रेम, शक्ति, धन, विवाह, संतान की इच्छा रखते हैं तो अपने ईष्ट देव को वो फूल ज....
भगवान विष्णु के दस अवतार 1.मत्स्यावतार
मत्स्यावतार
प्राचीन काल में सत्यव्रत नाम के एक राजा थे। वे बड़े ही उदार और भगवान के परम भक्त थे। एक दिन वे कृतमाला नदी में तर्पण कर रहे थे। उसी समय....
भगवान विष्णु के दस अवतार:-
कच्छपावतार
पुराने समय की बात है - देवताओं और राक्षसों में आपसी मतभेद के कारण शत्रुता बढ़ गई। आए दिन दोनों पक्षों में लड़ाई होती रहती थी। एक दिन राक....
भगवान विष्णु के दस अवतार:- वराहावतार
अनन्त भगवान ने प्रलय के जल में डूबी हुई पृथ्वी का उद्धार करने के लिए वराह शरीर धारण किया। कहा जाता है कि एक दिन स्वायम्भुव मनु ने बड़ी नम्रता से हाथ ज....
भगवान विष्णु के दस अवतार:- नृसिंह अवतार
भगवान विष्णु के दस अवतार:- नृसिंह अवतार
नृसिंह अवतार हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान विष्णु के दस अवतारों में से चतुर्थ अवतार हैं जो वैशाख में श....
अपने आप को मुश्किलों से बड़ा बनाएं
मुश्किलों और मुसीबतों से घिरा एक व्यक्ति अपनी जिंदगी में बहुत परेशान था। बहुत ज्यादा हताश होने पर वह एक संत के पास पहुंचा और उन्हें अपनी समस्या बताई। ....
भगवान विष्णु के दस अवतार:- वामन अवतार
एक समय की बात है - युद्ध में इन्द्र से हारकर दैत्यराज बलि गुरु शुक्राचार्य की शरण में गए। शुक्राचर्य ने उनके अंदर देवभाव जगाया। कुछ समय बाद गुरु कृपा ....
कर्म की गति और मनुष्य के मोह
एक बार देवर्षि अपने शिष्य तुंबरू के साथ कहीं जा रहे थे। गर्मियों के दिन थे। एक प्याऊ से उन्होंने पानी पिया और पीपल के पेड़ की छाया में जा बैठे। इतने म....
हमारी संस्कृति में यज्ञ का महत्व
भारतीय संस्कृति में पूजा-पाठ और यज्ञ का बहुत महत्व है। यज्ञ उपासना के बिना कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है। यज्ञ शब्द यज-धातु से सिद्ध होता है जिसका अर....
जानिए किसने की थी निर्जला एकादशी की शुरुआत
आज निर्जला एकादशी है। इसे भीमसेनी या पांडव एकादशी भी कहते हैं। कहा जाता है कि इस दिन व्रत रखने से साल भर की एकदाशी का पुण्य प्राप्त हो जाता है। सबसे क....
भगवान गणेश को क्यों नहीं चढ़ाते तुलसी ?
एक बार श्री गणेश गंगा किनारे तप कर रहे थे। इसी कालावधि में धर्मात्मज की नवयौवना कन्या तुलसी ने विवाह की इच्छा लेकर तीर्थ यात्रा पर प्रस्थान किया। ....
क्यों है ब्रह्मा जी का भारत में एक मंदिर ?
हिन्दू धर्मग्रन्थ पद्म पुराण के मुताबिक एक समयधरती पर वज्रनाश नामक राक्षस ने उत्पात मचा रखा था। उसके बढ़ते अत्याचारों से तंग आकर ब्रह्मा जी ने उसका वध ....
कैसे हुई थी रुद्राक्ष की उत्पत्ति ?
रुद्राक्ष की उत्पत्ति शिव के आंसुओं से मानी जाती है। इस बारे में पुराण में एक कथा प्रचलित है। कहते हैं एक बार भगवान शिव ने अपने मन को वश में कर दुनिया....
रावण के तीन गुणकारी मंत्र
श्री राम और रावण के बीच हुए अंतिम युद्ध के बाद रावण जब युद्ध भूमि में मरणशैय्या पर पड़ा था तब समस्त वेदों के ज्ञाता, महापंडित रावण ने लक्ष्मण को राजनीत....
"नंदी के अबोध आचरण ने किया भोलेनाथ को क्रोधित"
पौराणिक दंत कथा अनुसार, एक बार शिवजी के निवास स्थान पर कुछ दुष्ट व्यक्ति प्रवेश कर जाते हैं। इस बात का बोध होते ही शिवजी नंदी को कुछ निर्देश देने के ल....
"भगवान शिव के चार साथी"
"भगवान शिव के चार साथी"
भगवान श‌िव का ध्यान करने मात्र से मन में जो एक छव‌ि उभरती है वो एक वैरागी पुरुष की है। इनके एक हाथ में त्र‌िशूल, दूसरे हाथ....
"हनुमान जी ने सुनी अंजलि की पुकार"
"हनुमान जी ने सुनी अंजलि की पुकार"
ऋषिनगर में केशवदत्त ब्राह्मण अपनी पत्नी अंजलि के साथ रहता था। केशवदत्त के घर में धन-संपत्ति की कोई कमी नहीं थी। ....
आज है हरियाली तीज, 108वें जन्म मे पूरी हुई थी पार्वती माता की तपस्या
इस तीज व्रत में मां पार्वती के अवतार तीज माता की उपासना की जाती है। पौराणिक जानकारी के अनुसार मां पार्वती ही श्रावण महीने की तृतीया तिथि को देवी के रू....
"भगवान विष्णु ने किया माता पार्वती से छल"
मान्यता है कि बद्रीनाथ धाम कभी भगवान शिव और पार्वती का विश्राम स्थान हुआ करता था। यहां भगवान शिव अपने परिवार के साथ रहते थे लेकिन श्रीहरि विष्णु ....
"कैसे शेर बना मां दुर्गा की सवारी
मां दुर्गा को यूं ही शेर की सवारी प्राप्त नहीं हुई थी इसके पीछे एक रोचक कहानी है। धार्मिक इतिहास के अनुसार भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए द....
"कैसे पड़ा भगवान शिव का नाम त्रिपुरारी?"
 शिवपुराण के अनुसार,  दैत्य तारकासुर के तीन पुत्र थे- तारकाक्ष,  कमलाक्ष व विद्युन्माली। जब भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय ने तारकासुर का....
"कैसे बना मूषक भगवान गणेश की सवारी"
भगवान गणेश का चूहा पूर्व जन्म में एक गंधर्व था, जिसका नाम क्रोंच था। एक बार देवराज इंद्र की सभा में गलती से क्रोंच का पैर मुनि वामदेव के ऊपर पड़ गया। म....
"भगवान विष्णु ने क्यों किया पतिव्रता वृंदा के साथ छल"
श्रीमद् भागवत पुराण के अनुसार एक बार भगवान शिव ने अपना तेज समुद्र में फेंक दिया था। जिससे जलंधर उत्पन्न हुआ। माना जाता है कि जलंधर में अपार शक्ति थी औ....
"मां दुर्गा ने कैसे तोड़ा देवताओं का घमंड?"
देवताओं और राक्षसों के बीच एक बार अत्यंत भीषण युद्ध हुआ। रक्त से सराबोर इस लड़ाई में अंततः देवगण विजयी हुए। जीत के मद में देवगण अभिमान और घमंड से भर गए....
"शिव की महिमा अपरम्पार"
एक समय की बात है, किसी नगर में एक साहूकार रहता था। उसके घर में धन की कोई कमी नहीं थी लेकिन उसकी कोई संतान नहीं थी इस कारण वह बहुत दुखी था। पुत्र प्राप....
""रक्षाबंधन" से जुड़ी कहानियां"
"रक्षाबंधन" भाई - बहन के प्यार का त्योहार है, जो सदियों से चला आ रहा है। इतिहास में ऐसी बहुत सी कहानियां हैं जो ये साबित करती हैं कि हर युग में राखी क....
"गौ सेवा का फल"
अयोध्या के राजा दिलीप बड़े त्यागी, धर्मात्मा, प्रजा का ध्यान रखने वाले थे। उनके राज्य में प्रजा संतुष्ट और सुखी थी। राजा की कोई संतान नहीं थी। अतः एक द....
"मां लक्ष्मी ने क्यों तोड़ा भगवान विष्णु का वचन ?"
एक बार भगवान विष्णु धरती पर घुमने का विचार कर रहे थे उन्होंने ये बात मां लक्ष्मी जी से कहा- "लक्ष्मी मैं धरती लोक पर घुमने जा रहा हूं" ,तो कुछ सोच कर ....
"जन्माष्टमी:- कान्हा की जन्म कथा"
श्री कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण का जनमोत्स्व है। चूंकि भगवान स्वयं इस दिन पृथ्वी पर अवतरित हुए थे अत: इस दिन को कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मना....
"रामकृष्ण परमहंस के आत्म-ज्ञान की कथा
16 अगस्त रामकृष्ण परमहंस की महासमाधि के दिन के रूप में मनाया जाता है। आज हम उनसे जुड़ी एक कथा के बारे में आपको बता रहे हैं।
रामकृष्ण परमहंस ने अपन....
"भगवान शिव ने कैसे किया कृष्ण के बालरुप का दर्शन ?"
भगवान शिव के इष्ट हैं विष्णु। जब विष्णुजी ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया तो अपने इष्ट के बाल रूप के दर्शन और उनकी लीला को देखने के लिए शिवजी ने जो....
"क्यों लिया भोलेनाथ ने वृषभ का अवतार?"
समुद्र मंथन के उपरांत जब अमृत कलश उत्पन्न हुआ, तो उसे दैत्यों की नजर से बचाने के लिए श्री हरि विष्णु ने अपनी माया से बहुत सारी अप्सराओं की सर्जना की। ....
"मुश्किल कार्य को करें आसान गणपति"
एक बार भगवान शिव के मन में एक बड़े यज्ञ के अनुष्ठान का विचार आया। विचार आते ही वे शीघ्र यज्ञ प्रारंभ करने की तैयारियों में जुट गए। सारे गणों को यज्ञ अ....
"तुलसी क्यों वर्जित हैं गणेश जी की पूजन से?"

पौराणिक काल में गणेश जी गंगा तट पर तपस्या में लीन थे। इसी कालावधि में धर्मात्मज की नवयौवना कन्या तुलसी ने विवाह की इच्छा लेकर तीर....

"भगवान विष्णु ने क्यों लिया मोहिनी अवतार"

श्रीहरि यानी भगवान विष्णु ने एकमात्र स्त्री रूप लिया है, और वो है मोहिनी अवतार। यह अवतार उन्होंने कई बार लिया। लेकिन धर्मग्रंथों से मिली प्रमाणिक ज....

"माता अंजना को कैसे मिली मुक्ति वानर अवतार से"

ब्रह्मा जी के महल में हजारों सेविकाएं थीं, जिनमें से एक थीं अंजना। अंजना की सेवा से प्रसन्न होकर ब्रह्मा ने उन्हें मनचाहा वरदान मांगने को कहा। अंजन....

"कैसे हुई गंगा मां की उत्पत्ति?"


गंगा जी को स्वर्ग से पृथ्वी पर लाने के लिए अंशुमान के पुत्र दिलीप व दिलीप के पुत्र भागीरथ ने बड़ी तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर म....

"क्यों पूजा जाता है सर्वप्रथम भगवान गणेश को"

पद्मपुराण में बताया गया जब यह प्रश्न उठा कि प्रथमपूज्य किसे माना जाए, तो समस्त देवतागण ब्रह्माजी के पास पहुंचे। ब्रह्माजी ने कहा - कि जो कोई संपूर्....

"भगवान विष्णु ने मां लक्ष्मी को क्यों दिया दंड"