हमारी संस्कृति
भगवान विष्णु के दस अवतार:-
कच्छपावतार
पुराने समय की बात है - देवताओं और राक्षसों में आपसी मतभेद के कारण शत्रुता बढ़ गई। आए दिन दोनों पक्षों में लड़ाई होती रहती थी। एक दिन राक....
"क्यों लिया भोलेनाथ ने वृषभ का अवतार?"
समुद्र मंथन के उपरांत जब अमृत कलश उत्पन्न हुआ, तो उसे दैत्यों की नजर से बचाने के लिए श्री हरि विष्णु ने अपनी माया से बहुत सारी अप्सराओं की सर्जना की। ....
हनुमान जी से जानिए सफलता के सूत्र

हनुमान जी की पूजा से ही नहीं बल्कि उनसे कुछ बातें सीख लेने पर भी हमारी सभी परेशानियां दूर हो सकती हैं और सभी कामों में सफलता मिल सकती है। यहां जानि....

दरिद्रा कहां - कहां रहती है ?

समुद्र मंथन के समय हलाहल के निकलने के पश्चात् दरिद्रा की, तत्पश्चात् लक्ष्मी जी की उत्पत्ति हुई । इसलिए दरिद्रा को ज्येष्ठ भी कहते हैं । ज्येष....

आखिर क्यों पड़ी थी समुद्र मंथन की जरूरत...
एक बार शिवजी के दर्शन के लिए दुर्वासा ऋषि अपने शिष्यों के साथ कैलाश जा रहे थे। मार्ग में उन्हें देवराज इन्द्र मिले। इन्द्र ने दुर्वासा ऋषि और उनके शिष....
दुर्वाषा ऋषि के श्राप से शुरू हुई ‪समुद्र मंथन‬ की कहानी का अगला भाग
समुद्र मंथन का आरम्भ होना
जब देवताओं तथा असुरों ने समुद्र मंथन आरंभ किया, तब भगवान विष्णु ने कच्छप बनकर मंथन मे....
समुद्र मंथन से प्राप्त दूसरा रत्न - ‪‎कामधेनु‬
भगवान शंकर के विष ग्रहण करने के बाद देवताओं और दैत्यो ने मंथन आरम्भ किया। समुद्र के चारों ओर बड़े जोर की आवाज उत्पन्न हुई। देव और असुरों ने जब सिर उठा....
भगवान विष्णु का मत्स्य अवतार

मत्स्य पुराण में उल्ले‍ख है कि सत्यव्रत नाम के राजा एक दिन कृतमाला नदी में जल से तर्पण कर रहे थे। उस समय उनकी अंजुलि में एक छोटी सी मछली आ गई। ....

भगवान विष्णु का दूसरा अवतार- ‎कच्छपावतार‬
पुराने समय की बात है। देवताओं और राक्षसों में आपसी मतभेद के कारण शत्रुता बढ़ गयी। आये दिन दोनों पक्षों में युद्ध होता रहता था । एक दिन राक्षसो के....
समुद्रोल्लंघन की तैयारी
राक्षसों के राजा रावण की राजधानी चारों ओर समुद्र से घिरी हुई थी। वहाँ का दुर्ग (किला) भी बहुत विशाल और सुदृढ़ था। उसके चारो ओर बलवान राक्षसों का पहरा ....
क्यों मनाई जाती है शिवरात्रि
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवरात्रि का त्यौहार फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन विधि विधान के साथ भगवान शिव की अराधना क....
आज का भजन
आज का पंचांग
आज का दर्शन
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