हमारी संस्कृति
नवरात्रि के दूसरे दिन क्यों होती है मां ब्रह्मचारिणी की पूजा ?

मां ब्रह्मचारिणी 

मां की उपासना का मंत्र

दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू। 

देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तम....

"देवताओं के तेज से कैसे अवतरित हुई मां दुर्गा"

देवी भगवती ने असुरों का वध करने के लिए कई अवतार लिए। सर्वप्रथम महादुर्गा का अवतार लेकर देवी ने महिषासुर का वध किया था। दुर्गा सप्तशती में देवी के अ....

"क्यों लेना पड़ा मां दुर्गा को भ्रामरी देवी का अवतार"

अरुण नामक दैत्य ने कठोर नियमों का पालन कर भगवान ब्रह्मा की घोर तपस्या की। तप से प्रसन्न होकर ब्रह्मदेव प्रकट हुए और अरुण से वर मांगने को कहा। अरुण ....

नंदी ने क्यों की भगवान शिव की आराधना

पुराणों में यह कथा मिलती है कि शिलाद मुनि के ब्रह्मचारी हो जाने के कारण वंश समाप्त होता देख उनके पितरों ने अपनी चिंता उनसे व्यक्त की। शिलाद निरंतर ....

श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए महादेव क्यों बने साधु

लीला पुरुष श्रीकृष्ण जब भी कोई लीला रचते हैं, उसके पीछे कोई आदर्श विद्यमान रहता है। भगवान शिव के इष्ट हैं विष्णु इसलिए जब-जब नारायण ने अवतार लिया त....

ब्रह्मचारिणी : मां दुर्गा का दूसरा स्वरूप

दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू।

देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

मां दुर्गा की नवशक्ति का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी का है।....

चैतन्य महाप्रभु, वाल्मीकि और शंकराचार्य के आविर्भाव की कथा

देवगुरु बृहस्पति ने कहा - देवेंद्र ! प्राचीन काल में किसी समय वेदपारंगत विष्णुशर्मा नाम के एक ब्राह्मण थे । वे प्रसन्नचित्त से सर्वदेवमय विष्ण....

शिवोपासना का अद्भुत फल

प्राचीन काल में एक राजा थे, जिनका नाम था इंद्रद्युम्न । वे बड़े दानी, धर्मज्ञ और सामर्थ्यशाली थे । धनार्थियों को वे सहस्त्र स्वर्णमुद्राओं से ....

द्वादश ज्योतिर्लिंगों के अर्चा विग्रह - 6) श्री भीमशंकर

भीमशंकर ज्योतिर्लिंग मुंबई से पूर्व एवं पूना से उत्तर भीमा नदी के तट पर सह्यादिपर स्थित है । यहीं से भीमा नदी निकलती है । कहा जाता है कि भीमक ....

उपदेशप्रद कहानी: शुभचिंतन का प्रभाव
सेठ गंगासरन जी काशी में रहते थे। वे भगवान शंकरजी के सच्चे भक्त थे। सोमवती अमावस्या का प्रात:काल था। मणिकर्णिका घाट पर अनेक नर-नारी, साधु-सन्यासी स्नान....
हार-जीत का फैसला
बहुत समय पहले की बात है। आदि शंकराचार्य और मंडन मिश्र के बीच सोलह दिन तक लगातार शास्त्रार्थ चला। शास्त्रार्थ की निर्णायक थीं मंडन मिश्र की धर्म पत....
भगवान शिव के लिए माता पार्वती ने किया था घोर तप
शिवपुराण में कथा है कि ब्रह्माजी के आदेशानुसार भगवान शंकर को वरण करने के लिए पार्वती ने कठोर तप किया था। ब्रह्मा के आदेशोपरांत महर्षि नारद ने पार....
हो रही है सावन की शुरुआत, ऐसे रखें सोमवार का व्रत
आदिकाल से ही सावन माह में सोमवारी व्रत का विशेष महत्त्व है। इस वर्ष सावन की शुरुआत 20 जुलाई से हो रही है। इस माह का प्रथम सोमवारी व्रत सोमवार 25 जुलाई....
श्रीयंत्र है मां लक्ष्मी को परम प्रिय
मां लक्ष्मी का प्रिय यंत्र है श्रीयंत्र। कहा जाता है कि श्रीयंत्र की पूजा करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। घर में विधि-विधान के साथ ....
वक्रतुण्ड अवतार
भगवान श्रीगणेश को वक्रतुण्ड कहा गया है। वह इसलिए क्योंकि इनके एक अवतार का नाम भी वक्रतुण्ड है। दरअसल मत्सरासुर का वध करने के लिए उन्होंने यह अवतार लिय....
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