हमारी संस्कृति
हिंदू धर्म की कुछ महत्वपूर्ण बातें जिसे आपको भी जानना चाहिए
• हिन्दू धर्म एक ऐसा धर्म है जो विश्व भर में सबसे बड़े धर्मों में से तीसरे स्थान पर आता है लेकिन इसी धर्म की 95 प्रतिशत जनसंख्या एक देश, एक राष्ट्र भार....
"कैसे पड़ा भगवान शिव का नाम त्रिपुरारी?"
 शिवपुराण के अनुसार,  दैत्य तारकासुर के तीन पुत्र थे- तारकाक्ष,  कमलाक्ष व विद्युन्माली। जब भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय ने तारकासुर का....
"मां दुर्गा ने कैसे तोड़ा देवताओं का घमंड?"
देवताओं और राक्षसों के बीच एक बार अत्यंत भीषण युद्ध हुआ। रक्त से सराबोर इस लड़ाई में अंततः देवगण विजयी हुए। जीत के मद में देवगण अभिमान और घमंड से भर गए....
"मुश्किल कार्य को करें आसान गणपति"
एक बार भगवान शिव के मन में एक बड़े यज्ञ के अनुष्ठान का विचार आया। विचार आते ही वे शीघ्र यज्ञ प्रारंभ करने की तैयारियों में जुट गए। सारे गणों को यज्ञ अ....
"देवी सरस्वती के हाथ में क्यों होती है वीणा"

हिन्दू धर्म में सभी देवी-देवताओं को विशिष्ट स्थानों से नवाजा गया है। इसी कड़ी में अगर देवी सरस्वती की बात करें तो उन्हें ज्ञान, पवित्रता और बुद्धि क....

"कैसे हुआ श्रीगणेश का विवाह"

भगवान गणेश का सिर हाथी का था। लेकिन, जब उनका विवाद भगवान परशुराम से हुआ तो युद्ध में उनका एक दांत भी टूट गया। इसलिए उन्हें एक दंत भी कहा जाता है।इन....

"क्यों लिया मां दुर्गा ने भ्रमरी देवी का अवतार"

अरुण नामक दैत्य ने कठोर नियमों का पालन कर भगवान ब्रह्मा की घोर तपस्या की। तप से प्रसन्न होकर ब्रह्मदेव प्रकट हुए और अरुण से वर मांगने को कहा। अरुण ....

बुद्धि के देवता गणेश

भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और बुद्धि का देवता माना जाता है और बुधवार को उनकी आराधना विशेष लाभकारी मानी जाती है। श्रीगणेश की पूजा सभी देवताओं से पहले....

तिथियों और नक्षत्रों के देवता तथा उनके पूजन का फल
विभाजन के समय प्रतिपद् आदि सभी तिथियां अग्नि आदि देवताओं को तथा सप्तमी भगवान सूर्य को प्रदान की गई। जिन्हें जो तिथि दी गई, वह उसका ही स्वामी कहलाया। अ....
आखिर कहां से आया नारियल ?
हिन्दू धर्म में नारियल का विशेष महत्व है। नारियल के बिना कोई भी धार्मिक कार्यक्रम संपन्न नहीं होता है। नारियल से जुड़ी एक पौराणिक कथा भी प्रचलित ह....
आखिर क्यों पड़ी थी समुद्र मंथन की जरूरत...
एक बार शिवजी के दर्शन के लिए दुर्वासा ऋषि अपने शिष्यों के साथ कैलाश जा रहे थे। मार्ग में उन्हें देवराज इन्द्र मिले। इन्द्र ने दुर्वासा ऋषि और उनके शिष....
गणेश संकष्ट चतुर्थी व्रत‬
सभी महीनों की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी गणेश संकष्ट चतुर्थी कहलाती है। इसे वक्रतुंडी चतुर्थी, माही चौथ, तिल अथवा तिलकूट चतुर्थी व्रत भी कहते हैं। मंगलमूर्....
समुद्र मंथन से प्राप्त दूसरा रत्न - ‪‎कामधेनु‬
भगवान शंकर के विष ग्रहण करने के बाद देवताओं और दैत्यो ने मंथन आरम्भ किया। समुद्र के चारों ओर बड़े जोर की आवाज उत्पन्न हुई। देव और असुरों ने जब सिर उठा....
गणेश जी को दूर्वा(दूब) क्यों चढ़ाई जाती है ?
पौराणिक मान्यता के अनुसार प्राचीन काल में अनलासुर नाम का एक दैत्य था। इस दैत्य के कोप से स्वर्ग और धरती पर त्राही-त्राही मची हुई थी। अनलासुर ऋषि-....
भगवान विष्णु के ‪हयग्रीवावतार‬ की कथा
एक समय की बात है। हयग्रीव नाम का एक परम पराक्रमी दैत्य हुआ। उसने नदी के तट पर भगवती महामाया की प्रसनन्ता के लिए बड़ी कठोर तपस्या की। वह बहुत दिनों तक ....
जब भगवान शिव को लेना पड़ा कपाली अवतार...
शैवागम के अनुसार दसवें रुद्र का नाम कपाली है। पद्मपुराण के अनुसार एक बार भगवान कपालीब्रह्मा के यज्ञ में कपाल धारण करके गए, जिसके कारण उन्हें यज्ञ....
भगवती के दुर्गा नाम का इतिहास
भगवती शताक्षी के द्वारा संसार एवं देवताओं की सुरक्षा और संरक्षण की बात सुनकर दुर्गम दैत्य अत्यंत कुपित हुआ। वह अपनी पूरी सेना के साथ भगवती के साथ युद्....
तो इसलिए पूजनीय है शमी वृक्ष
शमी वृक्ष के पूजन को लेकर कई कहानियां प्रचलित हैं। लेकिन शमी वृक्ष के पूजन के पीछे एक वजह यह है भी बताते हैं कि महाभारत के युद्ध में पांडवों ने इसी वृ....
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